India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की घोषणा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील’ करार दिया, जो विश्व की दूसरी (भारत) और चौथी (ईयू) सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ते हुए एक दो अरब लोगों के विशाल बाजार का निर्माण करेगा। यह समझौता लगभग दो दशकों की लंबी वार्ताओं के बाद अंतिम रूप लिया गया है।
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India-EU Trade Deal: भारतीय निर्यातकों को मिलेंगे 75 अरब डॉलर के नए अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि यह केवल व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है। इससे भारतीय निर्यातकों को 75 अरब डॉलर (लगभग 6.41 लाख करोड़ रुपये) के नए अवसर मिलेंगे। पोस्टर में उल्लेख किया गया कि ईयू की 9,425 टैरिफ लाइनों पर भारतीय निर्यात से टैरिफ समाप्त होगा, जिससे भारतीय निर्यात मूल्य के 99 प्रतिशत हिस्से को ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी। इससे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स, केमिकल्स जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टरों को बड़ा फायदा होगा, जहां निर्यात 33 अरब डॉलर से अधिक है। एमएसएमई और मैन्युफैक्चरर्स को यूरोप के हाई-वैल्यू ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे रोजगार सृजन और विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि होगी।
India-EU Trade Deal: 9 महीने का गारंटीड वीजा मिलेगा
यह डील आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, शिक्षा जैसे सेक्टरों में भारत को यूरोप तक पहुंच प्रदान करेगी। छात्रों के लिए बड़ी राहत है—शिक्षा पूरी करने के बाद 9 महीने का गारंटीड वीजा मिलेगा, जो भारतीय युवाओं को यूरोप में अवसर देगा। दोनों पक्ष एआई, क्लीन टेक, सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे।
India-EU Trade Deal: 13 समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त बयान जारी किया। यूरोपीय नेताओं ने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। सम्मेलन में 13 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें ट्रेड, सिक्योरिटी, डिफेंस, मोबिलिटी, क्लीन एनर्जी शामिल हैं।
India-EU Trade Deal: भारत-EU ट्रेड डील ने ग्लोबल इकोनॉमी को नया शेप दिया
एक महत्वपूर्ण कदम भारत-ईयू सिक्योरिटी एंड डिफेंस पार्टनरशिप का हस्ताक्षर है—यह दोनों के बीच पहला व्यापक रक्षा ढांचा है। इससे समुद्री सुरक्षा, डिफेंस इंडस्ट्री एंड टेक्नोलॉजी, साइबर और हाइब्रिड थ्रेट्स, स्पेस, काउंटर-टेररिज्म में सहयोग गहराएगा। सूचना सुरक्षा समझौते पर वार्ता शुरू होगी। दोनों पक्षों ने सीमा-पार आतंकवाद सहित आतंकवाद की सभी रूपों की कड़ी निंदा की और कट्टरपंथ, आतंकवादी फाइनेंसिंग, नई तकनीकों के दुरुपयोग रोकने पर सहमति जताई।
संयुक्त बयान में यूक्रेन युद्ध पर चिंता जताई गई, जहां संवाद और कूटनीति से न्यायपूर्ण शांति की वकालत की गई। गाजा संघर्ष में यूएनएससी प्रस्ताव 2803 (17 नवंबर 2025) का उल्लेख कर सभी पक्षों से इसे लागू करने और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। ईरान की हालिया घटनाओं पर भी शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
India-EU Trade Deal: भारत-EU FTA से एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग की उड़ान
नेताओं ने लोकतंत्र, मानवाधिकार, बहुलवाद, कानून का शासन और संयुक्त राष्ट्र-केंद्रित नियम-आधारित व्यवस्था पर आधारित साझा मूल्यों को दोहराया। यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। इंडो-पैसिफिक में स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण क्षेत्र के लिए प्रतिबद्धता जताई, जिसमें आईपीओआई और आईओआरए के तहत सहयोग मजबूत होगा।
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