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Thursday, March 12, 2026
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Amit Shah: किसी भी लोकतांत्रिक देश में पर्सनल लॉ नहीं, UCC को लेकर किया बड़ा ऐलान-अमित शाह

Amit Shah: अमित शाह ने कहा कि देश को किसी पर्सनल लॉ या शरिया के आधार पर नहीं चलाया जा सकता है| उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में सभी धर्मो का सम्मान करते हुए किसी एक पर्सनल कानून को लागू नहीं किया जा सकता है।

Amit Shah: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), यानी समान नागरिक संहिता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर से महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में व्यक्तिगत कानून नहीं हैं। उनका दावा है BJP केंद्र में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करेगी और इस कानून को पूरे देश में लागू भी करेगी|

अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा कि देश को किसी पर्सनल लॉ या शरिया के आधार पर नहीं चलाया जा सकता है| उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में सभी धर्मो का सम्मान करते हुए किसी एक पर्सनल कानून को लागू नहीं किया जा सकता है।

BJP के संकल्प पत्र में UCC का वादा:

दुनिया के कई मुस्लिम देश में शरिया कानून का पालन नहीं किये जाने का हवाला देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि अब समय बदल गया है| भारत को भी अब आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने अपने लोकसभा चुनावों के लिए जारी किए गए अपने घोषणापत्र में समान नागरिक संहिता के मुद्दे को भी शामिल किया है।

संविधान सभा ने भी यूसीसी का वादा किया था:

अमित शाह ने कहा कि सभी लोकतांत्रिक देशों की तरह भारत को भी समान नागरिक संहिता बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब संविधान तैयार किया जा रहा था तब यूसीसी संविधान सभा ने देश से एक वादा किया था।

कांग्रेस वोट बैंक के चक्कर में करती है विरोध:

नागरिक संहिता की आलोचना के लिए गृहमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को ध्रुवीकरण में लिप्त बताया और कहा कि किसी भी धर्मनिरपेक्ष देश धर्मनिरपेक्षता का सर्वाधिक स्पष्ट संकेत वहा के कानून का सबके लिए एक समान होना होता है| वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस संविधान सभा की ओर से किए गए वादे को पूरा नहीं कर पाई है।

यह कानून उत्तराखंड में हो चुका है लागू:

अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है| उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद उत्तराखंड में इस कानून पर सामाजिक, न्यायिक और संसदीय मुद्दे उठेंगे।

हमें सेक्युलर शब्दों की जरूरत नहीं है:

जब अमित शाह से संविधान से ‘सेक्युलर शब्द हटाने’ के दावों पर सवाल पूछा गया तो गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें सेक्युलर शब्द हटाने की जरूरत ही नहीं है। उनका कहना है कि बीजेपी का सबसे बड़ा आग्रह है इस देश को पंथनिरपेक्ष बनाने का और इसिलिए यूसीसी ला रहे हैं।

अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शरिया के नाम पर देश को चलाना चाहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सेक्युलर बनने की जरूरत है हमे नहीं।

आरक्षण को नहीं हटाएंगे:

अमित शाह ने अपनी पार्टी बीजेपी के लिए चुनावी प्रचार करते हुए एक इंटरव्यू में कहा कि कांग्रेस बीजेपी पर आरक्षण को हटाने को लेकर की चाहे कितने भी आरोप लगा लें, परन्तु यह बीजेपी का वादा है कि वे आरक्षण नहीं हटाएंगे और अगर कांग्रेस ऐसा करना चाहती है तो उसे भी नहीं करने देंगे|

पीएम मोदी ने बड़े निर्णय लिए हैं:

गृहमंत्री ने कांग्रेस द्वारा बीजेपी पर पंथनिरपेक्षता के लगाए आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो कांग्रेस खुद मुस्लिम पर्सनल लॉ लेकर देश को चलाना चाहती है वो क्या हमे पंथनिरपेक्षता का पाठ सिखाएंगे। साथ ही अमित शाह ने प्रधानमंत्री के बयान, “बड़े फैसले लिए जाएंगे” पर कहा कि बीजेपी और पीएम मोदी सिर्फ बड़े फैसले लेने की बात ही नहीं करते, वे जनता के हित और देश की तरक्की के लिए कई बड़े फैसले ले चुके हैं। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए कार्यों की उपलब्धियां भी बताईं।

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