Bihar Law And Order: बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष भले ही सवाल उठाए, लेकिन बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने इस साल अपराध और नक्सलवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल 20 अगस्त तक एसटीएफ ने 101 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले साल के 44 की तुलना में दोगुने से अधिक है। यह आंकड़ा बिहार में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की सख्ती और प्रभावी रणनीति को दर्शाता है।
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Bihar Law And Order: मुठभेड़ और गिरफ्तारियों में बढ़ोतरी
बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन ने शुक्रवार को बताया कि एसटीएफ ने इस साल अपराधियों के साथ 23 मुठभेड़ों में हिस्सा लिया, जबकि पिछले साल यह संख्या मात्र आठ थी। इन मुठभेड़ों के जरिए संगठित अपराध पर लगाम कसने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में कुल 752 अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि इस साल 20 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 857 हो गई है। यह दर्शाता है कि पुलिस की सक्रियता और रणनीति में सुधार हुआ है।
Bihar Law And Order: हथियार और नकदी की बरामदगी में उछाल
एसटीएफ की कार्रवाइयों में न केवल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ी है, बल्कि हथियार और नकदी की बरामदगी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले साल जहां 19 हथियार बरामद किए गए थे, वहीं इस साल 32 हथियार और 12,176 कारतूस जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, 2024 में 21,26,332 रुपये की बरामदगी हुई थी, जबकि इस साल एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है। यह संगठित अपराध के आर्थिक आधार को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Bihar Law And Order: नए सेल और रणनीति से बढ़ी प्रभावशीलता
एसटीएफ ने संगठित अपराध से निपटने के लिए इस साल चार नए सेल का गठन किया है, जिनमें नारकोटिक्स सेल, सोशल मीडिया सेल, एआईयू (एंटी-इंटेलिजेंस यूनिट) और सुपारी किलर निगरानी सेल शामिल हैं। इसके साथ ही एक हिट टीम का भी गठन किया गया है, जो अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए तैनात है। इन नई इकाइयों ने अपराधियों पर नकेल कसने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्य के बाहर कार्रवाई में भी सक्रियता
एसटीएफ की कार्रवाइयां केवल बिहार तक सीमित नहीं रहीं। इस साल टीम ने देश के 17 राज्यों में जाकर 64 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। सबसे अधिक गिरफ्तारियां दिल्ली (14), पश्चिम बंगाल (9), उत्तर प्रदेश और गुजरात (7-7), झारखंड (6), हरियाणा (5) और महाराष्ट्र (4) से हुई हैं। यह दर्शाता है कि बिहार पुलिस अब अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क पर भी प्रभावी ढंग से नजर रख रही है।
एसओजी की संख्या में वृद्धि
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए विशेष कार्य बल ने अपनी विशेष अभियान समूह (एसओजी) की संख्या में वृद्धि की है। वर्तमान में 15 एसओजी टीमें सक्रिय हैं, जो अपराधियों के खिलाफ निरंतर चौकसी और कार्रवाई में जुटी हैं। इन टीमों की सक्रियता ने नक्सलवाद और संगठित अपराध के खिलाफ बिहार पुलिस की स्थिति को और मजबूत किया है।
बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं के बीच एसटीएफ की उपलब्धियां एक सकारात्मक तस्वीर पेश करती हैं। बढ़ती गिरफ्तारियां, हथियारों और नकदी की बरामदगी, साथ ही नई रणनीतियों और सेल के गठन से यह स्पष्ट है कि बिहार पुलिस अपराध और नक्सलवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में और सशक्त हुई है। यह न केवल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि जनता में विश्वास भी बढ़ाता है।
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