Bihar Elections: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन नेताओं में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह, बाढ़ के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और जदयू के एमएलसी नीरज कुमार शामिल हैं।
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Bihar Elections: राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया फैसला
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राज्य सुरक्षा समिति की एक अगस्त को हुई बैठक में इन नेताओं की सुरक्षा श्रेणी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यह कदम राज्य सरकार की अनुशंसा पर उठाया गया है, जिसमें नेताओं को संभावित खतरे और चुनावी माहौल में बढ़ते सुरक्षा जोखिम को ध्यान में रखा गया है।
Bihar Elections: सम्राट चौधरी को Z+ सुरक्षा
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा को लेकर सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव किया है। अब उन्हें Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी, जो अत्यधिक संवेदनशील व्यक्तियों के लिए दी जाने वाली सबसे उच्च स्तरीय सुरक्षा है। इसके साथ ही उन्हें एएसएल (एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग) का भी लाभ मिलेगा, जिससे किसी भी कार्यक्रम या दौरे से पहले विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
Bihar Elections: तेजस्वी यादव को Z श्रेणी की सुरक्षा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। तेजस्वी पर चुनावी माहौल और राजनीतिक गतिविधियों के दौरान खतरे की आशंका जताई जा रही थी। अब सरकार ने उनकी सुरक्षा को बढ़ाते हुए Z श्रेणी का सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया है।
Bihar Elections: पप्पू यादव को Y+ श्रेणी
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव लंबे समय से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी मिली है। इस खतरे को देखते हुए अब उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, जिसमें प्रशिक्षित कमांडो उनके साथ रहेंगे और नजदीकी सुरक्षा प्रदान करेंगे।
प्रदीप कुमार सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को भी Y+
अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह और बाढ़ के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की सुरक्षा भी बढ़ाकर Y+ श्रेणी कर दी गई है। इस श्रेणी में उन्हें पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) के साथ सशस्त्र सुरक्षाकर्मी भी मिलेंगे, जो 24 घंटे निगरानी रखेंगे।
नीरज कुमार को भी Y+ सुरक्षा
जदयू के एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें भी Y+ श्रेणी का कवच दिया गया है। चुनावी माहौल में बढ़ते राजनीतिक तनाव और नेताओं पर हमले की घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
चुनावी माहौल में सुरक्षा का महत्व
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी मौसम में नेताओं की आवाजाही, जनसभाएं और रैलियां बढ़ जाती हैं, जिससे सुरक्षा खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में सरकार का यह कदम संभावित जोखिम को कम करने के लिए उठाया गया है।
सुरक्षा श्रेणियों का अर्थ
भारत में Z+, Z, और Y+ श्रेणियां अलग-अलग स्तर की सुरक्षा को दर्शाती हैं।
- Z+: सबसे ऊंची श्रेणी, जिसमें लगभग 55 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।
- Z: लगभग 22 सुरक्षाकर्मी, जिसमें एनएसजी या सीआरपीएफ कमांडो भी शामिल होते हैं।
- Y+: लगभग 11 सुरक्षाकर्मी, जिसमें पीएसओ और नजदीकी सुरक्षा शामिल होती है।
चुनाव से पहले यह सुरक्षा कवच नेताओं के लिए न सिर्फ राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत सुरक्षा का भी भरोसा देगा, ताकि वे बिना किसी खतरे के जनसंपर्क और प्रचार अभियान चला सकें।
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