Bihar Cabinet: बिहार मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जयप्रकाश नारायण (जेपी) आंदोलन के सेनानियों की पेंशन राशि को दोगुना करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। अब एक से छह महीने तक जेल में रहे सेनानियों को 7,500 रुपये के बजाय 15,000 रुपये और छह महीने से अधिक जेल में रहे सेनानियों को 15,000 रुपये के बजाय 30,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने बताया कि इस योजना से वर्तमान में 3,354 सेनानी या उनके जीवनसाथी लाभान्वित होंगे। यह कदम 1974 के जेपी आंदोलन के योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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Bihar Cabinet: हवाई कनेक्टिविटी को नया आयाम
मंत्रिमंडल ने बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए छह नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के सर्वे के लिए 2.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इनमें वीरपुर (सुपौल), मुंगेर, वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण), मुजफ्फरपुर, सहरसा और भागलपुर शामिल हैं। भागलपुर में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण होगा। इसके अलावा, गयाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ऑल-वेदर एयरपोर्ट बनाने के लिए 18.24 एकड़ जमीन के अधिग्रहण हेतु 137.17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह सुनिश्चित करेगा कि कोहरे और खराब मौसम में भी विमान सुरक्षित लैंडिंग कर सकें। ओएलएस सर्वे से हवाई अड्डों का निर्माण तेज होगा, जिससे बिहार में हवाई आवागमन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
Bihar Cabinet: औद्योगिक और प्रशासनिक सुधार
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने पटना के बख्तियारपुर, सहरसा, सीवान और मधेपुरा में औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार को मंजूरी दी। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की राशि भी स्वीकृत की गई। यह कदम स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और औद्योगिक विकास को गति देगा। साथ ही, सभी जिलों के समाहरणालयों में शौचालय, प्रतीक्षालय, पेयजल और दीदी की रसोई जैसी सुविधाओं के विकास को हरी झंडी दी गई। यह नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Bihar Cabinet: विधायकों और अल्पसंख्यक कल्याण के लिए कदम
मंत्रिमंडल ने बिहार विधान मंडल सदस्यों के वेतन, भत्ता और पेंशन नियमावली 2006 में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत प्रखंड स्तर पर 459 निम्नवर्गीय लिपिक पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई। यह प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाने और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
नीतीश कुमार सरकार की यह बैठक बिहार के सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुई। जेपी सेनानियों की पेंशन वृद्धि से ऐतिहासिक योगदान को सम्मान मिला, जबकि नए एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार से बिहार की कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। समाहरणालयों में नई सुविधाएं और प्रशासनिक पदों का सृजन बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह फैसला आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जो सामाजिक कल्याण और आर्थिक प्रगति पर केंद्रित हैं।
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