Air Ambulance Crash: सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने झारखंड और पूरे देश को झकझोर दिया। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली जा रही एक मेडिकल चार्टर्ड एयर एंबुलेंस (एयर एम्बुलेंस) दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। यह भारत में हाल के महीनों में हुई कई विमान दुर्घटनाओं की श्रृंखला में नवीनतम घटना है, जिसने एविएशन सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Air Ambulance Crash: विमान ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से भरी थी उड़ान
यह विमान Beechcraft C90 मॉडल का था, जिसका टेल नंबर VT-AJV था। यह दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा संचालित था। विमान ने शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। यह एक मेडिकल इवैक्यूएशन फ्लाइट थी, जिसमें एक गंभीर रूप से जले हुए मरीज को रांची के देवकमल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से दिल्ली बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था।
Air Ambulance Crash: विमान में सवार थे 7 लोग
विमान में कुल 7 लोग सवार थे:
मरीज: संजय कुमार (41 वर्ष), जिन्हें 63% जलन के घाव थे।
डॉक्टर: विकास कुमार गुप्ता।
पैरामेडिक: सचिन कुमार मिश्रा।
अटेंडेंट्स: अर्चना देवी और धुरु कुमार (मरीज के परिजन)।
क्रू मेंबर्स: कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट-इन-कमांड) और कैप्टन सवराजदीप सिंह (को-पायलट)।
Air Ambulance Crash: अचानक टूट गया संचार और रडार संपर्क
डीजीसीए (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के अनुसार, विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से 7:34 बजे संपर्क स्थापित किया, लेकिन इसके तुरंत बाद ही संचार और रडार संपर्क टूट गया। यह संपर्क वाराणसी से लगभग 100 नैटिकल माइल दक्षिण-पूर्व में टूटा। इसके कुछ ही मिनट बाद विमान झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया ब्लॉक के कसियातु जंगल (कसारिया पंचायत क्षेत्र) में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
Air Ambulance Crash: सभी 7 लोगों की मौत
हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन दुर्घटना स्थल घने जंगल में होने के कारण पहुंचना बेहद मुश्किल था। चतरा के डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री जी ने बताया कि साइट की दुर्गमता के कारण मौतों की पुष्टि में देरी हुई, लेकिन बाद में सभी 7 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई। कोई भी जीवित नहीं बचा।
Air Ambulance Crash: खराब मौसम की वजह से हुआ हादसा
प्रारंभिक रिपोर्ट्स में खराब मौसम को संभावित कारण बताया जा रहा है। विमान ने मौसम खराब होने के कारण रूट डायवर्शन की मांग की थी। रांची एयरपोर्ट डायरेक्टर विनोद कुमार ने कहा, “मौसम की वजह से ऐसा हुआ हो सकता है, लेकिन असली कारण जांच के बाद ही पता चलेगा।” एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और जांच शुरू हो गई है।
यह हादसा भारत में पिछले कुछ महीनों में हुई तीसरी बड़ी सिविल एविएशन दुर्घटना है। इससे पहले अहमदाबाद में एयर इंडिया बोइंग ड्रीमलाइनर क्रैश और बारामती में लियरजेट 45 क्रैश (जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार सहित 5 लोगों की मौत हुई) जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स की सेफ्टी और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर सवाल उठाए हैं। डीजीसीए ने हाल ही में ऐसे ऑपरेटर्स का स्पेशल ऑडिट किया था, लेकिन रिपोर्ट्स अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं।
देवकमल हॉस्पिटल के सीईओ अनंत सिन्हा ने बताया कि एयर एंबुलेंस मरीज के परिवार ने ही अरेंज की थी और मरीज दोपहर करीब 4:30 बजे रवाना हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता चंपाई सोरेन ने एक्स पर दुख जताया और दिवंगतों के परिवारों के लिए प्रार्थना की।
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