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Monday, October 12, 2026
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नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता: बीजापुर मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर, 214 ठिकाने और बंकर नष्ट

Bijapur Naxal Encounter: सुरक्षाबलों की सघन कार्रवाई से नक्सलियों की कमर टूटी, भारी विस्फोटक बरामद; देश से नक्सलवाद खत्म करने की 31 मार्च डेडलाइन से पहले बड़ा प्रहार।

Bijapur Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर निर्णायक कार्रवाई की है। जंगल क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें 5 नक्सली मौके पर ढेर हो गए। यह घटना बीजापुर जिले के घने जंगलों में हुई, जहां नक्सलियों ने पहले फायरिंग शुरू की और जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई, लेकिन सुरक्षाबलों की बेहतर रणनीति और तैयारी से नक्सलियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

Bijapur Naxal Encounter: 5 नक्सली ढेर, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि बीजापुर के जंगल में नक्सली कैडर सक्रिय हैं और कोई बड़ी साजिश रच रहे हैं। इसके आधार पर संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही जवान आगे बढ़े, नक्सलियों ने घात लगाकर हमला बोल दिया। जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग में 5 नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक पूरी तरह नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है। मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। कोई जवान घायल होने की सूचना नहीं है।

Bijapur Naxal Encounter: 214 ठिकानों का विनाश

यह मुठभेड़ पिछले चार दिनों में चल रहे बड़े पैमाने के नक्सल विरोधी अभियान का हिस्सा है। सुरक्षाबलों ने बीजापुर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें 214 नक्सली ठिकाने, बंकर और छिपने के स्थान ध्वस्त कर दिए गए। ये ठिकाने नक्सलियों के लिए रणनीतिक महत्व के थे, जहां वे हथियार रखते, मीटिंग करते और हमलों की योजना बनाते थे। इन ठिकानों को नष्ट करने से नक्सलियों का नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है और उनकी गतिविधियां सीमित हो गई हैं।

Bijapur Naxal Encounter: अभियान का संदर्भ और महत्व

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन कागर’, ‘ब्लैक फॉरेस्ट-2’ जैसे अभियान तेजी से चल रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की नीति है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। बीजापुर जैसे बस्तर संभाग के जिलों में पिछले कुछ महीनों में दर्जनों मुठभेड़ हो चुकी हैं, जिनमें सैकड़ों नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण किया है। यह कार्रवाई नक्सलियों की कमर तोड़ने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षाबलों की लगातार सफलताएं स्थानीय ग्रामीणों में विश्वास बढ़ा रही हैं, जो अब विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।

Bijapur Naxal Encounter: प्रशासन और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने इस सफलता को नक्सल विरोधी अभियान की मजबूती बताया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई नक्सलियों की बड़ी साजिशों को विफल करने में सहायक सिद्ध होगी। क्षेत्र में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी हैं, ताकि बचे हुए नक्सलियों को पकड़ा या समर्पण कराया जा सके। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सुरक्षाबलों को सूचना दें और नक्सलियों से दूरी बनाए रखें।

यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के अंतिम चरण की ओर इशारा करती है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से नक्सल कैडर कमजोर हो रहा है और विकास की राह खुल रही है। हालांकि, जंगलों में छिपे खतरे अभी भी बने हुए हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।

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