West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल सरकार ने युवाओं को आर्थिक सहारा देने के लिए बांग्लार युवा साथी योजना (Banglar Yuva Sathi Yojana) शुरू की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026-27 के अंतरिम बजट में इसकी घोषणा की थी। योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे नौकरी की तलाश या स्किल डेवलपमेंट के दौरान आर्थिक दबाव से मुक्त रहें। यह सहायता अधिकतम 5 वर्ष तक या नौकरी मिलने तक मिलेगी। योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी, जो पहले 15 अगस्त से निर्धारित थी, लेकिन अब पहले शुरू की जा रही है।
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West Bengal Election 2026: योजना का उद्देश्य और महत्व
राज्य में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। पढ़ाई पूरी करने के बाद कई युवा नौकरी की तलाश में रहते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें छोटे काम करने पड़ते हैं। यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी। सरकार का अनुमान है कि लगभग 27.8 लाख युवा इससे लाभान्वित होंगे। इसके लिए बजट में 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पहले दिन (15 फरवरी 2026) ही 2 लाख से ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया, जो योजना की लोकप्रियता दर्शाता है।
West Bengal Election 2026: पात्रता मानदंड
- उम्र: 21 से 40 वर्ष के बीच।
- शिक्षा: कम से कम माध्यमिक (कक्षा 10) पास या समकक्ष।
- रोजगार स्थिति: वर्तमान में बेरोजगार।
- निवास: पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी।
- अन्य: स्कॉलरशिप लेने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।
West Bengal Election 2026: कौन नहीं ले सकता लाभ?
जो युवा राज्य सरकार की किसी अन्य कल्याणकारी योजना (जैसे लक्ष्मीर भंडार आदि) का लाभ पहले से ले रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
West Bengal Election 2026: आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन कैंप के माध्यम से है। राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए गए हैं। ये कैंप 15 फरवरी 2026 से 26 फरवरी 2026 तक चलेंगे। रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे।
- फॉर्म: आधिकारिक वेबसाइट (wbsportsandyouth.gov.in या banglaryuvasathi.com) से सैंपल फॉर्म डाउनलोड कर भरें या कैंप में उपलब्ध फॉर्म भरें।
- दस्तावेज: आधार कार्ड, निवास प्रमाण, माध्यमिक प्रमाणपत्र, बैंक खाता विवरण, पासपोर्ट साइज फोटो आदि जरूरी।
- जमा: भरे फॉर्म और दस्तावेजों के साथ कैंप में जमा करें।
- राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से आएगी।
यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले घोषित की गई है, जिससे विपक्ष (बीजेपी) इसे वोट बैंक की राजनीति बता रहा है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले भी ऐसी योजनाएं शुरू हुईं लेकिन बंद हो गईं। वहीं, टीएमसी इसे युवाओं के लिए सच्ची मदद बता रही है। लंबी कतारें बंगाल की बेरोजगारी की गंभीरता दिखाती हैं।
