Sunetra Pawar: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष अजित पवार के दुखद निधन के बाद पार्टी में नेतृत्व और सत्ता की कुर्सी को लेकर नया संकट उभर आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों में यह जोरदार मांग उठ रही है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष और विधायक दल की नेता बनाया जाए, जिससे वे महायुति सरकार में डिप्टी चीफ मिनिस्टर की कुर्सी पर बनी रहें। बुधवार रात हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई और अधिकांश नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति जताई।
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Sunetra Pawar: पार्टी में सुनेत्रा पवार के पक्ष में जोरदार आवाज
बैठक में शामिल एक वरिष्ठ NCP मंत्री ने बताया कि अजित पवार की विरासत को बचाने और परिवार की राजनीतिक साख बनाए रखने के लिए सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा, “पार्टी अभी भी सदमे में है, अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन अधिकांश नेता इस मांग के साथ हैं।” महाराष्ट्र के मंत्री नरहरी झिरवाल ने भी खुले तौर पर कहा, “सुनेत्रा पवार को अगला डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाया जाना चाहिए। इससे पवार परिवार की राजनीतिक विरासत बनी रहेगी।”
Sunetra Pawar: डिप्टी सीएम पद छोड़ने की संभावना कम
सूत्रों के अनुसार, NCP डिप्टी चीफ मिनिस्टर का पद छोड़ने को तैयार नहीं है। अजित पवार वित्त विभाग संभालते थे और गठबंधन सरकारों में फंड आवंटन पर उनका मजबूत नियंत्रण था। अन्य दलों के मंत्री भी फंड के लिए उन पर निर्भर रहते थे। अब वित्त विभाग किसी अन्य पार्टी को जाने की संभावना है, इसलिए NCP का मानना है कि डिप्टी सीएम पद उसके पास रहना चाहिए। यह पद पार्टी के मंत्रियों को समर्थन देने और गठबंधन में प्रभाव बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
Sunetra Pawar: पवार परिवार में कोई विधायक नहीं
वर्तमान में NCP में पवार परिवार से कोई भी सदस्य विधानसभा में नहीं है। सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं, जबकि अजित पवार के बेटे परथ और जय कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं। विस्तारित परिवार में NCP (एसपी) की सुप्रिया सुले लोकसभा सांसद हैं और रोहित पवार एकमात्र विधायक हैं। ऐसे में सुनेत्रा पावर को डिप्टी सीएम बनाने से परिवार की राजनीतिक उपस्थिति और नियंत्रण बना रहेगा।
Sunetra Pawar: शरद पवार से भी हो रही सलाह-मशविरा
हालांकि NCP और NCP (एसपी) में औपचारिक विलय नहीं हुआ है, लेकिन अजित पवार के निधन के बाद दोनों गुटों के बीच संवाद बढ़ गया है। पार्टी नेता शरद पवार से सलाह ले रहे हैं। एक सूत्र ने कहा, “यह फैसला सिर्फ NCP तक सीमित नहीं है। पवार परिवार का साम्राज्य राजनीति से कहीं बड़ा है – इसमें औद्योगिक और संगठनात्मक हित शामिल हैं। अजित पवार और शरद पवार दोनों ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद परिवार के गैर-राजनीतिक हितों को सुरक्षित रखा था। कोई गलत फैसला पूरे परिवार पर असर डालेगा।” शरद पवार को परिवार के मुखिया के रूप में सभी को एकजुट करने की जिम्मेदारी है।
Sunetra Pawar: पार्टी के सामने दोहरी चुनौती
NCP के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं: पहला, पार्टी पर राजनीतिक नियंत्रण बनाए रखना; दूसरा, महायुति सरकार में प्रभावशाली भूमिका सुनिश्चित करना। डिप्टी सीएम पद परिवार के किसी सदस्य या वफादार अनुभवी नेता को मिलना चाहिए, जो गठबंधन में प्रशासन चलाने में सक्षम हो। फिलहाल पार्टी सदमे में है और अंतिम फैसला कुछ दिनों में लिया जा सकता है।
यह स्थिति महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। अगर सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनती हैं, तो पवार परिवार की सियासी विरासत मजबूत होगी। वहीं, अगर पद किसी अन्य को मिलता है, तो परिवार का प्रभाव कम होने का खतरा है। महायुति सरकार में NCP का भविष्य और पवार परिवार की एकता इस फैसले पर टिकी है।
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