Bijapur News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ तहसील के अंतर्गत उसपरी झिल्ली स्थित इंद्रावती घाट पर बुधवार शाम को एक देशी नाव (डोंगी) के पलटने से बड़ा हादसा हो गया। नाव में सवार छह लोगों में से चार लोग तेज बहाव में बह गए और अभी तक लापता हैं। इनमें दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो युवकों को डूबने से बचा लिया। रात होने के कारण बचाव अभियान रोक दिया गया, जिसे सुबह फिर से शुरू किया गया।
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Bijapur News: हादसे का विवरण और घटनास्थल
घटना बुधवार शाम करीब 4-5 बजे उसपरी झिल्ली घाट पर हुई, जब एक ही परिवार के छह सदस्य बाजार से रोजमर्रा का सामान खरीदकर अपने गांव बोड़गा (इंद्रावती नदी के पार स्थित) लौट रहे थे। अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित इस गांव के लिए इंद्रावती नदी पार करना रोजमर्रा की जरूरत है, जहां देशी डोंगी ही मुख्य परिवहन साधन है। नदी में तेज बहाव और मौसम की वजह से डोंगी अनियंत्रित हो गई और पलट गई।
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग नदी में उतरे और दो युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाकी चार लोग – दो महिलाएं और दो बच्चे – तेज धारा में बह गए। लापता लोगों की पहचान अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन वे एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।
Bijapur News: बचाव अभियान और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही भैरमगढ़ तहसीलदार सूर्यकांत धरत ने तत्काल कार्रवाई की। राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग और नगर सेना (नगर सैनिक दल) की टीमों को मोटरबोट के साथ घटनास्थल पर भेजा गया। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, अंधेरा होने और सुरक्षा कारणों से रात में अभियान रोक दिया गया।
Bijapur News: लापता लोगों की तलाश जारी
तहसीलदार सूर्यकांत धरत ने कहा, “घटना की सूचना मिलते ही बचाव टीमों को तुरंत रवाना किया गया। लापता लोगों की तलाश जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है। सुबह पहली रोशनी के साथ अभियान फिर से तेज किया गया।” स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों से सहयोग मांगा है और नदी के किनारे सतर्कता बरतने की अपील की है।
Bijapur News: बस्तर संभाग में बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं
बस्तर संभाग के दूरस्थ इलाकों में इंद्रावती नदी पार करने के लिए डोंगी का उपयोग आम है। बारिश के मौसम या तेज बहाव में डोंगी पलटने की घटनाएं नियमित रूप से होती हैं, जिनमें अक्सर जानें जाती हैं। बीजापुर और आसपास के जिलों में सड़क संपर्क की कमी के कारण ग्रामीणों को नदी पार करना पड़ता है, खासकर बाजार जाने, राशन लेने या इलाज के लिए।
इस क्षेत्र में पुलों और सुरक्षित परिवहन की कमी एक बड़ी समस्या है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को ऐसे घाटों पर मोटरबोट या पुल निर्माण पर ध्यान देना चाहिए ताकि ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। पिछले कुछ वर्षों में इंद्रावती नदी में कई बार डोंगी पलटने से मौतें हुई हैं, लेकिन अबूझमाड़ जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्य धीमे हैं।
परिवार और ग्रामीणों में मातम
हादसे के बाद बोड़गा गांव और आसपास के इलाकों में मातम का माहौल है। लापता लोगों के परिजन और ग्रामीण नदी किनारे इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सुबह से ड्रोन, मोटरबोट और गोताखोरों की मदद से तलाश तेज की जाएगी।
यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी को एक बार फिर उजागर करती है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार जल्द से जल्द वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराए ताकि ऐसी त्रासदियां दोहराई न जाएं। फिलहाल, सभी की नजरें सुबह शुरू होने वाले बचाव अभियान पर टिकी हैं, उम्मीद है कि लापता लोग सुरक्षित मिल जाएं।
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