Indians Return: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर शुक्रवार रात और शनिवार सुबह एक अलग ही माहौल देखने को मिला। ईरान में बिगड़ते सुरक्षा हालात, व्यापक विरोध प्रदर्शनों और 8 जनवरी से लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी ने उनके परिजनों के चेहरों पर राहत और खुशी की मुस्कान लौटा दी। महान एयर की पहली फ्लाइट (W5-071) सहित कई उड़ानों से लौटे यात्रियों में तीर्थयात्री, छात्र और अन्य नागरिक शामिल थे, जिन्हें परिवारों ने फूलों और गले लगाकर स्वागत किया।
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Indians Return: 8 जनवरी से इंटरनेट शटडाउन
ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन आर्थिक संकट, मुद्रा अवमूल्यन और महंगाई के खिलाफ थे, जो जल्द ही शासन-विरोधी आंदोलन में बदल गए। प्रदर्शनों के बढ़ने पर ईरानी अधिकारियों ने 8 जनवरी से राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन लगा दिया, जिससे संचार पूरी तरह ठप हो गया। इस ब्लैकआउट ने विदेशों में फंसे भारतीयों के परिवारों में भय पैदा कर दिया, क्योंकि कई दिनों तक कोई संपर्क नहीं हो पाया।
Indians Return: रातों की उड़ गई थी नींद
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहे एक परिजन ने बताया, “हमारी मां और मौसी तीर्थयात्रा के लिए 7 जनवरी को ईरान पहुंची थीं। पहले दो दिनों तक बात होती रही, लेकिन 8 जनवरी के बाद इंटरनेट बंद हो गया। हम बहुत चिंतित थे, रातों की नींद उड़ गई थी। अब अपनों को सुरक्षित देखकर बहुत राहत मिली है।” कई परिवारों ने कहा कि वे भारत सरकार पर पूरा भरोसा रखते थे और एडवाइजरी के बाद तुरंत वापसी का इंतजाम किया।
Indians Return: प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय का धन्यवाद
एक अन्य परिवार के सदस्य ने कहा, “हमारे पिता और बहन तीर्थयात्रा पर गए थे। सरकार ने बहुत अच्छा काम किया। हम प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय का धन्यवाद देते हैं।” उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से कई तीर्थयात्री भी इस फ्लाइट में शामिल थे। उनके परिजनों ने बताया कि ईरान में माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन तीर्थयात्रियों को कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई। एक व्यक्ति ने कहा, “ईरानी सरकार हालात संभाल रही है। कुछ लोग दंगे की बातें फैला रहे थे, लेकिन हमारी मां से जो बात हुई, उसके मुताबिक सब ठीक था।”
Indians Return: मौत के साये से वतन वापसी
लौटे यात्रियों ने भी अपनी अनुभव साझा किए। एक यात्री ने कहा, “अब स्थिति सामान्य हो रही है। पहले जैसी नहीं है, लेकिन फिलहाल स्थिर है। इंटरनेट बंद था और अंतरराष्ट्रीय कॉल भी काम नहीं कर रहे थे, जिससे डर लग रहा था। बाद में कॉल सुविधा बहाल हुई। भारतीय दूतावास और सरकार ने बहुत मदद की, हम आभारी हैं।” एक अन्य ने बताया, “हम पूरी तरह सुरक्षित थे। कुछ भी गलत नहीं हुआ। हमने अपनी तरफ से ही वापसी की। इंटरनेट नियंत्रण के उद्देश्य से बंद किया गया था, कोई असामान्य स्थिति नहीं थी। ऐसी बातें हर देश में होती हैं। पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं हुई।”
Indians Return: भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
भारतीय दूतावास ने 14 जनवरी को एडवाइजरी जारी कर सभी नागरिकों (छात्रों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों) से उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। विदेश मंत्रालय ने ईरान यात्रा से बचने की अपील दोहराई। सरकार ने निकासी में सहयोग किया, जिससे पहली फ्लाइट्स सफलतापूर्वक दिल्ली पहुंचीं।
Indians Return: दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनों को देख छलके आंसू
परिवारों ने कहा कि इंटरनेट बंद होने से चिंता बढ़ गई थी, लेकिन अब सब सुरक्षित हैं। यह पुनर्मिलन न केवल परिवारों के लिए राहत का क्षण था, बल्कि भारतीय सरकार की नागरिक-केंद्रित नीति का भी प्रमाण बना। ईरान में जारी अशांति के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, जिसकी सराहना हर तरफ हो रही है।
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