Agnivesh Agarwal Death: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया। वह मात्र 49 वर्ष के थे। अमेरिका में स्कीइंग के दौरान हुए हादसे के बाद न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वे ठीक हो जाएंगे, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई। अनिल अग्रवाल ने इसे अपने जीवन का ‘सबसे अंधेरा दिन’ करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अनिल अग्रवाल के पोस्ट को शेयर करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और श्रद्धांजलि दी।
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Agnivesh Agarwal Death: हादसा और अचानक निधन
अग्निवेश अग्रवाल अपने दोस्त के साथ अमेरिका में स्कीइंग करने गए थे। वहां दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत में सुधार हो रहा था। अनिल अग्रवाल ने लिखा, हमें लगा था कि सबसे बुरा वक्त पीछे छूट गया है, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। अचानक कार्डियक अरेस्ट ने हमारा बेटा हमसे छीन लिया। यह हादसा और निधन 7 जनवरी 2026 को हुआ।
Agnivesh Agarwal Death: अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश
सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने बेटे को याद किया। उन्होंने लिखा, आज मेरे जीवन का सबसे अंधेरा दिन है। मेरा प्यारा बेटा अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया। वह सिर्फ 49 साल का था, स्वस्थ, जिंदगी और सपनों से भरा हुआ।
अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार में हुआ था। बचपन में चंचल और शरारती, हमेशा मुस्कुराते रहने वाले अग्निवेश मेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़े। वे बॉक्सिंग चैंपियन थे, घुड़सवारी के शौकीन और बेहतरीन म्यूजिशियन। अपनी बहन प्रिया के प्रोटेक्टिव भाई और यारों के यार।
व्यवसाय में उन्होंने फुजैराह गोल्ड कंपनी स्थापित की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने। तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के भी चेयरमैन थे। अनिल अग्रवाल ने कहा, उपलब्धियों से ऊपर अग्नि बेहद सिंपल था। जमीन से जुड़ा, सच्चा और इंसानियत से भरा। वह सिर्फ बेटा नहीं, मेरा दोस्त, मेरी शान और पूरी दुनिया था।
अनिल और उनकी पत्नी किरण पूरी तरह टूट गए हैं। वे वेदांता के हजारों युवा कर्मचारियों को अपने बच्चे मानकर सांत्वना ढूंढ रहे हैं।
Agnivesh Agarwal Death: सामाजिक संकल्प को दोहराया
अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत के बड़े समर्थक थे। वे अक्सर कहते थे, पापा, हमारे देश में क्या नहीं है? हम पीछे क्यों रहें?” बेटे का सपना था कि कोई बच्चा भूखा न सोए, अनपढ़ न रहे, हर महिला आत्मनिर्भर हो और युवाओं को रोजगार मिले। अनिल अग्रवाल ने वादा दोहराया कि कमाई का 75% से ज्यादा समाज सेवा में लगाएंगे और अब और सादगी से जीवन जिएंगे। उन्होंने कहा, अग्नि के सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।
PM मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल अग्रवाल के पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा, अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाला है। इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि में आपके गहरे शोक की झलक स्पष्ट है। प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को शक्ति और साहस मिलता रहे। ओम शांति।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, पीयूष गोयल और अन्य नेताओं ने भी संवेदना व्यक्त की। उद्योग जगत और सोशल मीडिया पर शोक की लहर है।
अग्निवेश की बहन प्रिया वेदांता बोर्ड में हैं और हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन। परिवार में अब वे ही हैं। यह निधन न केवल व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि भारतीय उद्योग जगत के लिए भी बड़ा झटका है।
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