BJP Congress Alliance: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए धुर विरोधी भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने हाथ मिलाया, लेकिन यह गठबंधन दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को रास नहीं आया। कांग्रेस ने तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया और ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल सहित सभी 12 नवनिर्वाचित पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी ऐसे गठबंधन को ‘अस्वीकार्य’ बताते हुए इसे तुरंत तोड़ने और दोषी भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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BJP Congress Alliance: गठबंधन की वजह, शिवसेना को सत्ता से बाहर रखना
अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 60 सीटें हैं। दिसंबर 2025 में हुए चुनाव में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 27 सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत (31) से चार सीटें पीछे रह गई। भाजपा ने 14, कांग्रेस ने 12 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 4 सीटें हासिल कीं, जबकि दो निर्दलीय जीते।
शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ नाम का गठबंधन बनाया। एक निर्दलीय के समर्थन से इस गठबंधन को बहुमत मिल गया। 31 दिसंबर को भाजपा कार्यालय में बैठक के बाद यह गठबंधन औपचारिक रूप से जिला प्रशासन को सौंपा गया। इसके बाद भाजपा की तेजश्री करंजुले पाटिल को नगर परिषद अध्यक्ष (मेयर) चुना गया।
BJP Congress Alliance: शिवसेना ने गठबंधन को बताया ‘अनैतिक’ और ‘मौकापरस्त’
शिंदे गुट की शिवसेना ने इस गठबंधन को ‘अनैतिक’ और ‘मौकापरस्त’ करार दिया। विधायक डॉ. गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि भाजपा ने शिवसेना से गठबंधन की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
BJP Congress Alliance: कांग्रेस की सख्त कार्रवाई
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देश पर तत्काल एक्शन लिया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश पाटिल की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि गठबंधन बिना प्रदेश नेतृत्व की जानकारी या अनुमति के किया गया, जो पार्टी अनुशासन का उल्लंघन और कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। जानकारी मीडिया से मिली।
इसलिए ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को निलंबित किया गया। पूरी ब्लॉक कार्यकारिणी भंग कर दी गई। कांग्रेस चिह्न पर जीते सभी 12 पार्षदों को निलंबित किया गया। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन शिवसेना की कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ था, लेकिन पार्टी लाइन के खिलाफ था।
BJP Congress Alliance: फडणवीस का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन को ‘अनुशासनहीनता’ करार देते हुए कहा, “कांग्रेस या AIMIM के साथ कोई गठबंधन स्वीकार्य नहीं है। अगर स्थानीय नेताओं ने ऐसा किया है, तो इसे तुरंत तोड़ा जाएगा। कार्रवाई होगी।” उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी गठबंधन रद्द किए जाएं।
फडणवीस की नाराजगी सिर्फ अंबरनाथ तक सीमित नहीं है। अकोला जिले के अकोट में भाजपा ने AIMIM के साथ ‘अकोट विकास मंच’ बनाया, जहां भाजपा की माया धुले मेयर बनीं। इस पर भी फडणवीस ने कार्रवाई के आदेश दिए।
राजनीतिक हलचल और आगे की स्थिति
राज्य में महायुति सरकार (भाजपा, शिंदे शिवसेना, अजित एनसीपी) चल रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर ऐसे गठबंधन ने सत्ताधारी गठबंधन में असहजता पैदा की है। शिंदे गुट ने इसे भाजपा की ‘दोगली राजनीति’ बताया। कांग्रेस की कार्रवाई के बाद कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि निलंबित 12 पार्षद भाजपा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन यह गठबंधन अब टूटने की कगार पर है। भाजपा नेतृत्व भी स्थानीय नेताओं को नोटिस भेज चुका है।
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