28.1 C
New Delhi
Thursday, May 14, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकुलदीप सेंगर को जमानत मिलने से भड़की उन्नाव पीड़िता, बोलीं- 'मेरी जान...

कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने से भड़की उन्नाव पीड़िता, बोलीं- ‘मेरी जान फिर खतरे में, सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी’

Unnao Rape Case: फैसले की खबर मिलते ही पीड़िता भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, दोषी के बाहर आने से मेरी जान को फिर से खतरा है। मेरे पिता की हत्या हुई, मेरा एक्सीडेंट कराया गया, अब फिर वही डर सता रहा है।

Unnao Rape Case: 2017 के बहुचर्चित उन्नाव बलात्कार मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया और सशर्त जमानत दे दी। इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार में आक्रोश फैल गया। पीड़िता, उसकी मां और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देकर विरोध जताया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन वहां से हटा दिया।

Unnao Rape Case: कोर्ट की शर्तें सख्त, लेकिन सेंगर अभी जेल में ही रहेंगे

दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर शामिल थे, ने सेंगर को 15 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के तीन जमानतदारों के साथ जमानत दी। कोर्ट ने सख्त शर्तें लगाईं- सेंगर पीड़िता के दिल्ली स्थित घर से 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आएंगे, पीड़िता या उसकी मां को किसी तरह की धमकी नहीं देंगे और जमानत अवधि में दिल्ली में ही रहेंगे। शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत तुरंत रद्द हो जाएगी।

हालांकि, सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आएंगे क्योंकि वे पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ के अलग मामले में 10 साल की सजा काट रहे हैं और उसमें जमानत नहीं मिली है। कोर्ट ने कहा कि अपील की सुनवाई तक सजा निलंबित रहेगी।

Unnao Rape Case: पीड़िता का गुस्सा- 6 साल में जमानत कैसा न्याय?

फैसले की खबर मिलते ही पीड़िता भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, ‘दोषी के बाहर आने से मेरी जान को फिर से खतरा है। मेरे पिता की हत्या हुई, मेरा एक्सीडेंट कराया गया, अब फिर वही डर सता रहा है। यह न्याय नहीं है। 6 साल में जमानत कैसा न्याय?’ पीड़िता ने आगे कहा, ‘हम अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेंगे। यह न्याय की लड़ाई है और हम इसे अंत तक लड़ेंगे। मैं इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी।’

पीड़िता ने केंद्र और राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए लिया गया है, ताकि सेंगर की पत्नी चुनाव लड़ सके। उनकी बहन ने कहा, ‘अगर उसे रिहा कर दिया है तो हमें जेल में डाल दो, कम से कम वहां हमारी जान सुरक्षित रहेगी।’ सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना, जो धरने में पीड़िता के साथ थीं, ने कहा कि परिवार अकेले लड़ रहा है और बलात्कारियों को आसानी से जमानत मिल रही है।

Unnao Rape Case: मामला क्या है? 2017 से चला आ रहा संघर्ष

यह मामला 2017 का है, जब उन्नाव में एक नाबालिग लड़की के साथ कुलदीप सिंह सेंगर ने बलात्कार किया था। तब सेंगर भाजपा के प्रभावशाली विधायक थे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि सेंगर और उसके गुर्गों ने उसे और उसके परिवार को धमकाया। अप्रैल 2018 में पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई, जिसे मारपीट से जोड़ा गया।

जुलाई 2019 में एक ट्रक से टक्कर में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी दो रिश्तेदारों की मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले सीबीआई को सौंपे गए और ट्रायल दिल्ली शिफ्ट हुआ। दिसंबर 2019 में दिल्ली की अदालत ने सेंगर को बलात्कार के लिए आजीवन कारावास और पिता की मौत के मामले में 10 साल की सजा सुनाई। भाजपा ने सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

विरोध और आगे की लड़ाई

इंडिया गेट पर धरना देते समय पीड़िता और उनकी मां ने न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने समझाने के बाद उन्हें वहां से हटा दिया। पीड़िता ने कहा कि वे संसद भवन के सामने भी धरना देने की तैयारी कर रही हैं। उनके वकीलों ने सलाह दी है कि सुप्रीम कोर्ट में जमानत रद्द करने की अपील की जाए।

यह फैसला महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सजा और जमानत के मुद्दे पर फिर बहस छेड़ सकता है। पीड़िता का कहना है कि देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और ऐसे फैसले दोषियों को प्रोत्साहन देते हैं। परिवार की लड़ाई जारी है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा।

यह भी पढ़ें:-

‘तुगलकी फरमान’: जालोर के 24 गांवों में महिलाओं-लड़कियों पर स्मार्टफोन बैन, केवल की-पैड फोन की इजाजत

RELATED ARTICLES
New Delhi
haze
28.1 ° C
28.1 °
28.1 °
51 %
1.5kmh
92 %
Thu
44 °
Fri
45 °
Sat
45 °
Sun
46 °
Mon
46 °

Most Popular