Babri Masjid Anniversary: उत्तर प्रदेश में 6 दिसंबर- राम जन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद की संवेदनशील तारीख – की बरसी के अवसर पर, राज्य पुलिस ने कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विशेष रूप से अयोध्या, मथुरा और वाराणसी में व्यापक सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि होटल, धर्मशालाओं, धर्मस्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं बाजारों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, और वाहनों की चेकिंग लगातार जारी है।
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Babri Masjid Anniversary: कहां-कहां बढ़ाई गई सुरक्षा: अयोध्या, मथुरा, वाराणसी प्रमुख केंद्र
अयोध्या:
- 4 दिसंबर से जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, और 6 दिसंबर तक सतर्कता जारी रहेगी।
- पुलिस ने शहर के सभी थानों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। होटल, ढाबे, धर्मशालाओं आदि में स्टे रिकॉर्ड रखने और यात्रियों की पहचान की जाँच का आदेश दिया गया है।
- शहर के प्रमुख मार्गों व राम मंदिर परिसर के आसपास पैदल गश्त व वाहन चेकिंग की जा रही है।
मथुरा:
- श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह क्षेत्र और अन्य संवेदनशील स्थलों के आसपास सुरक्षा-बल, पीएसी, परिवीक्षी दल (ड्रोन-CCTV) भेजे गए हैं।
- ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, और प्रमुख बाजार, मार्ग तथा धार्मिक स्थलों की निगरानी तेज़ कर दी गई है।
वाराणसी:
- शहर के प्रमुख घाटों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और मंदिरों सहित सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा टीमों द्वारा चेकिंग और गश्त की जा रही है। घाटों पर शाम की आरती और धार्मिक कार्यक्रमों के समय विशेष निगरानी रखी जाएगी।
- इसके अलावा, लखनऊ, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, प्रयागराज सहित कई जिलों में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
Babri Masjid Anniversary: क्यों है यह दिन संवेदनशील – प्रशासन की तैयारी इन्तिहां तक
6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के कारण देश भर में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था, जिसमें बड़ी संख्या में मौत-जख्मी हुए थे। यही कारण है कि हर साल इस तारीख को प्रशासन सतर्क रहता है। 2025 में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन संवेदनशीलता और सामाजिक माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से भी कड़ी की गई है।
पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए कार बम विस्फोट की घटनाओं को देखते हुए, उपद्रव या साम्प्रदायिक हिंसा की आशंकाओं के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष सतर्कता बरती है।
Babri Masjid Anniversary: प्रशासन क्या कर रहा है – चेकिंग, गश्त और मॉनिटरिंग
- संवेदनशील इलाकों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, बाजारों, धर्मस्थलों और घाटों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। वाहन और यात्रियों की पहचान की जा रही है।
- सरकारी दलों, पुलिस और पीएसी/आरएएफ को रणनीतिक हिस्सों में तैनात किया गया है।
- होटल, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस व ढाबों पर रह रहे लोगों की वेरिफिकेशन की जा रही है।
- घाटी क्षेत्रों, मंदिरों व झुड़-स्थानों पर गश्त व पैदल दौरा, रात्री–चौकसी बढ़ा दी गई है।
Babri Masjid Anniversary: प्रशासन का संदेश: शांतिपूर्ण रहें, अफवाह से बचें
पुलिस अधीक्षक और तमाम वरिष्ठ अधिकारी बार-बार आम जनता से अपील कर रहे हैं कि वे किसी अफवाह, भड़काऊ रैली या अजूबा-कॉल का हिस्सा न बनें। इसके साथ ही कहा गया है कि बिना अनुमति के पांच या अधिक लोगों का एकत्र होना प्रतिबंधित होगा—किसी भी उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, सुरक्षा विभाग ने कहा है कि इस साल 6 दिसंबर ‘शौर्य दिवस’ या किसी बड़े सार्वजनिक समारोह की अनुमति नहीं दी गई है। लोग अपने व्यक्तिगत धार्मिक/सांस्कृतिक कार्यक्रम सीमित ढंग से करें।
शांति और सतर्कता की उम्मीद
सुरक्षा एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि शुरुआती सख्ती, चेकिंग, गश्त और मॉनिटरिंग से किसी भी अप्रिय घटना की संभावना नियंत्रित रहेगी। अगर आम लोग शांति बनाए रखते हैं, अफवाहों पर ध्यान नहीं देते, और पुलिस–प्रशासन का सहयोग करते हैं, तो यह बरसी बिना किसी घटना के शांतिपूर्ण तरीके से बीत सकती है — जैसा कि कई पिछली बरसियों में हुआ है।
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