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संविधान दिवस 2025: 76 साल पहले आज ही के दिन अपनाया गया था भारत का संविधान, जानें पूरा इतिहास

Constitution Day 2025: 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा की बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में संविधान को सर्वसम्मति से अपनाया गया। इसके बाद संविधान पर सभी 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए।

Constitution Day 2025: भारत आज 76वां संविधान दिवस मना रहा है। हर साल 26 नवंबर को देशभर में संविधान दिवस (पूर्व में राष्ट्रीय कानून दिवस) के रूप में उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है। यह वह ऐतिहासिक दिन है जब 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया था। हालांकि संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, लेकिन 26 नवंबर को इसे अंगीकार करने की तारीख के रूप में याद किया जाता है।

Constitution Day 2025: संविधान अपनाने से लागू होने तक का सफर

26 नवंबर 1949 को संविधान सभा की बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में संविधान को सर्वसम्मति से अपनाया गया। इसके बाद संविधान पर सभी 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। संविधान बनाने में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे थे। दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान तैयार करने के लिए 389 सदस्यों वाली संविधान सभा ने 11 सत्रों में 165 दिन तक विचार-विमर्श किया। अंतिम दस्तावेज में मूल रूप से 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और करीब 1,17,369 शब्द थे। प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने हस्तलिखित कॉपी तैयार की, जबकि शांतिनिकेतन के कलाकार नंदलाल बोस और उनके शिष्यों ने इसे सजाया।

Constitution Day 2025: राष्ट्रीय विधि दिवस से संविधान दिवस तक का बदलाव

शुरुआत में 26 नवंबर को राष्ट्रीय विधि दिवस (National Law Day) के रूप में मनाया जाता था। इसका प्रस्ताव सबसे पहले 1979 में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सामने प्रसिद्ध विधि विशेषज्ञ और पूर्व सांसद डॉ. एलएम सिंघवी ने रखा था। उनका मानना था कि जिस दिन संविधान अपनाया गया, उस दिन को कानून के शासन की स्मृति में मनाना चाहिए। 28 नवंबर 1979 को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इसे स्वीकार कर लिया और 2015 तक यह राष्ट्रीय विधि दिवस के नाम से जाना जाता रहा।
2015 में बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती वर्ष के मौके पर घोषणा की कि 26 नवंबर को अब संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा ताकि बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को याद किया जा सके। 19 नवंबर 2015 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर इसे आधिकारिक रूप दे दिया। तब से हर साल इस दिन को संविधान दिवस या सम्विधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Constitution Day 2025: 26 नवंबर और 26 जनवरी में अंतर

26 नवंबर 1949: संविधान सभा ने संविधान को अपनाया (Adopted)

26 जनवरी 1950: संविधान पूरे देश में लागू (Enforced) हुआ और भारत पूर्ण गणराज्य बना
इसीलिए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाते हैं।

2025 में कैसे मनाया जा रहा संविधान दिवस?

इस बार 76वें संविधान दिवस का मुख्य समारोह सुप्रीम कोर्ट परिसर में हो रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत कई गणमान्य लोग शामिल हो रहे हैं। पूरे देश में स्कूल-कॉलेजों में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ, निबंध प्रतियोगिता, क्व ‘संविधान प्रश्नोत्तरी और सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ने का निर्देश दिया है। डिजिटल इंडिया के तहत mygov.in पर लाखों लोग ऑनलाइन प्रस्तावना पढ़कर डिजिटल सर्टिफिकेट ले रहे हैं।

Constitution Day 2025: डॉ. अंबेडकर का अमर योगदान

संविधान निर्माण समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर को आधुनिक भारत का संविधान निर्माता कहा जाता है। उन्होंने जाति, लिंग, धर्म के आधार पर भेदभाव खत्म करने और समता, स्वतंत्रता, बंधुता के सिद्धांतों को संविधान का आधार बनाया। उन्होंने कहा था, “मैं इस संविधान को इसलिए स्वीकार करता हूँ क्योंकि इसमें सुधार की गुंजाइश है।”

आज संविधान दिवस के मौके पर पूरा देश बाबा साहेब को नमन कर रहा है और संविधान के मूल्यों को जीने का संकल्प ले रहा है। यह दिन सिर्फ इतिहास की याद नहीं, बल्कि हर नागरिक के अधिकारों और कर्तव्यों की स्मृति भी है।

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