POCSO Court: राजस्थान के भरतपुर में पोक्सो कोर्ट संख्या-2 ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक पुराने और जघन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 10 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार के दोषी मूलचंद (ताजपुर गांव, हलैना थाना क्षेत्र) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। खास बात यह है कि इसी मामले में मूलचंद के बेटे साहब सिंह को चार साल पहले 30 अक्टूबर 2021 को भी आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। अब पिता-पुत्र दोनों ही जेल की सलाखों के पीछे जीवनभर रहेंगे।
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POCSO Court: 2016 की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना
घटना 20-21 नवंबर 2016 की है। जयपुर निवासी एक महिला अपनी 10 साल की बेटी को लेकर अपनी सहेली (मूलचंद की पत्नी) के घर ताजपुर गांव आई थी। रात में जब मां सो रही थी, तब साहब सिंह ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मां जागी तो उसने अपनी बेटी को खून से लथपथ पाया। बच्ची ने रोते हुए बताया कि साहब सिंह ने उसके साथ गलत काम किया है।
POCSO Court: मासूम से बाप-बेटे ने किया रेप
अगली सुबह जब मां बेटी को लेकर जयपुर वापस लौटने लगी तो घर के मालिक मूलचंद ने उन्हें रोक लिया। इसी दौरान डरी-सहमी बच्ची ने मां को जो राज खोला, उसने सबको हिला कर रख दिया। उसने बताया कि साहब सिंह का पिता मूलचंद भी कई बार उसके साथ दुष्कर्म कर चुका है। मां ने तुरंत हलैना थाने में पिता-पुत्र दोनों के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था।
POCSO Court: पहले बेटे को सजा, पिता को मिली थी क्लीन चिट
मामला पोक्सो कोर्ट में चला। 30 अक्टूबर 2021 को कोर्ट ने साहब सिंह को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। लेकिन उस समय कोर्ट ने सबूतों के अभाव में पिता मूलचंद को बरी कर दिया था। पीड़िता पक्ष ने इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट के निर्देश पर दोबारा सुनवाई हुई और नए सिरे से गवाहों व सबूतों की पड़ताल की गई।
POCSO Court: मंगलवार को पलटी बाजी, पिता भी दोषी करार
लंबी सुनवाई के बाद पोक्सो कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश ने मंगलवार को मूलचंद को भी दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता की गवाही, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों से स्पष्ट है कि मूलचंद ने भी बच्ची के साथ कई बार बलात्कार किया। कोर्ट ने इसे ‘समाज के लिए कलंक’ करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई।
लोक अभियोजक ने बताया – न्याय में देर, लेकिन अंधेर नहीं
मामले के लोक अभियोजक महाराज सिंह सिनसिनवार ने बताया, ‘यह बहुत जघन्य अपराध था। बच्ची की उम्र महज 10 साल थी और आरोपी उसके साथ जान-पहचान के थे। पहले सहब सिंह को सजा मिली थी। पिता को बरी करने के फैसले के खिलाफ हमने हाईकोर्ट में अपील की थी। आज कोर्ट ने पीड़िता को पूरा न्याय दिया। अब पिता-पुत्र दोनों उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।’
पीड़िता को मिली राहत, परिवार ने जताया आभार
पीड़िता अब 19 साल की हो चुकी है। नौ साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उसे न्याय मिला है। परिवार ने कोर्ट, पुलिस और अभियोजन पक्ष का आभार जताया है। पीड़िता की मां ने कहा, ‘मेरी बेटी के साथ जो हुआ, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन कम से कम अब दोनों दरिंदे जेल में सड़ेंगे।’
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