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ट्रंप-शी की ऐतिहासिक मुलाकात: अमेरिका ने घटाया चीन पर टैरिफ, अप्रैल में ट्रंप का चीन दौरा तय

Trump Tariffs: डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच करीब छह साल बाद बुधवार को दक्षिण कोरिया के बुसान में पहली द्विपक्षीय मुलाकात हुई। इसके बाद ट्रंप ने चीन पर लगे टैरिफ में भारी कटौती का ऐलान किया।

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब छह साल बाद बुधवार को दक्षिण कोरिया के बुसान में पहली द्विपक्षीय मुलाकात हुई। इस बैठक के ठीक बाद ट्रंप ने चीन पर लगे टैरिफ में भारी कटौती का ऐलान किया। फेंटेनाइल ड्रग्स की समस्या पर चर्चा के बाद 20 प्रतिशत टैरिफ को तत्काल 10 प्रतिशत कर घटा दिया गया। साथ ही, कुल 57 प्रतिशत टैरिफ को 47 प्रतिशत तक कम करने का फैसला लिया गया। यह कदम अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में नरमी का संकेत माना जा रहा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की सांस ला सकता है। ट्रंप ने अप्रैल में चीन यात्रा का भी एलान किया, जहां व्यापार समझौता साइन होगा।

Trump Tariffs: मुलाकात का पूरा घटनाक्रम

दोनों नेताओं की यह मुलाकात जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित की गई थी। ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं, मैंने फेंटेनाइल के कारण चीन पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, लेकिन उनकी बात सुनने के बाद मैंने इसे तुरंत 10 प्रतिशत कर घटा दिया।’ उन्होंने आगे बताया कि व्यापारिक तनावों को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) के अनुसार, बैठक में फेंटेनाइल ड्रग्स की तस्करी, व्यापार असंतुलन और कृषि उत्पादों के निर्यात जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

Trump Tariffs: अमेरिकी सोयाबीन की खरीद तुरंत शुरू

मुलाकात के परिणामस्वरूप, चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की खरीद तुरंत शुरू करने का वादा किया है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, पहले टैरिफ युद्ध के दौरान चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की खरीद बंद कर दी थी, जिससे अमेरिकी किसानों को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ था। अब इस समझौते से अमेरिकी कृषि क्षेत्र को तत्काल राहत मिलेगी। ट्रंप ने कहा, ‘चीन तुरंत अमेरिकी सोयाबीन खरीदना शुरू कर देगा, जो हमारे किसानों के लिए बड़ी जीत है।’

Trump Tariffs: व्यापार युद्ध की शुरुआत

अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों का इतिहास तनावपूर्ण रहा है। 2018 में ट्रंप के पहले कार्यकाल में शुरू हुए व्यापार युद्ध के दौरान अमेरिका ने चीनी सामानों पर 25 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए थे, जबकि चीन ने जवाबी कार्रवाई की। फरवरी 2020 में चरण-1 व्यापार समझौता हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी और अन्य मुद्दों के कारण संबंध बिगड़ते गए। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद ट्रंप की वापसी के साथ ही टैरिफ को 60 प्रतिशत तक बढ़ाने की धमकी दी गई थी। बुधवार की मुलाकात ने इन तनावों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम 2025 के वैश्विक व्यापार पर सकारात्मक असर डालेगा।

Trump Tariffs: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

टैरिफ में कटौती से अमेरिकी उपभोक्ताओं को सस्ते चीनी सामान मिलेंगे, जो मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा। चीन के लिए यह निर्यात बढ़ाने का अवसर है, जबकि अमेरिकी निर्यातक, खासकर कृषि क्षेत्र, लाभान्वित होंगे। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, सोयाबीन खरीद समझौते से अमेरिकी किसानों को सालाना 10 अरब डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। हालांकि, फेंटेनाइल जैसे मुद्दों पर सख्ती बरकरार रहेगी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि चीन ड्रग्स तस्करी रोकने में विफल रहा, तो टैरिफ फिर बढ़ाए जा सकते हैं।

Trump Tariffs: अप्रैल में ट्रंप का चीन दौरा तय

इसके अलावा, ट्रंप ने अप्रैल 2026 में चीन यात्रा का ऐलान किया, जहां व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद शी जिनपिंग अमेरिका का दौरा करेंगे। यह आदान-प्रदान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का संकेत है।

भविष्य की संभावनाएं

अमेरिकी व्यापार मंत्री के अनुसार, यह फैसला ‘ट्रंप की कूटनीति की जीत’ है। चीन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन पीपुल्स डेली ने इसे सकारात्मक कदम बताया। वैश्विक बाजारों में प्रतिक्रिया सकारात्मक रही – डॉव जोन्स इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की तेजी आई। भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि चीन से आयात सस्ता होने से आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

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