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Monday, November 2, 2026
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उत्तराखंड में मॉनसून की मार: थराली में बादल फटने से चार मौतें, 50 से अधिक लापता

Cloudburst in Uttarakhand: यह मॉनसून सीजन उत्तराखंड के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। थराली क्षेत्र में शुक्रवार की आधी रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई।

Cloudburst in Uttarakhand: उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में शुक्रवार की आधी रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा ने थराली कस्बे, आसपास के गांवों और बाजारों में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। भारी बारिश और मलबे ने कई घरों, दुकानों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया। थराली बाजार, कोटदीप और तहसील परिसर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जहां मलबा तहसील परिसर, एसडीएम आवास और कई घरों में घुस गया। तहसील परिसर में खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं, और कस्बे की सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। सागवाड़ा गांव में मलबे की चपेट में आने से एक युवती की दुखद मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की खबर ने स्थानीय लोगों में दहशत बढ़ा दी है।

Cloudburst in Uttarakhand: राहत और बचाव कार्य में तेजी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमें गौचर से घटनास्थल पर तैनात हैं और राहत कार्य में जुटी हैं। चेपड़ों बाजार में मलबे से कई दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की टीमें मिंग्गदेरा के पास थराली-ग्वालदम और थराली-सागवाड़ा मार्गों को खोलने में जुटी हैं, जो भारी मलबे के कारण पूरी तरह बाधित हैं। इन मार्गों के बंद होने से क्षेत्र में आवाजाही ठप हो गई है, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

Cloudburst in Uttarakhand: स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने थराली तहसील के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 23 अगस्त 2025 के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदियों और मलबे वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

Cloudburst in Uttarakhand: उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भीषण तबाही

यह मॉनसून सीजन उत्तराखंड के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। 5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल क्षेत्रों में बादल फटने से भयंकर तबाही मची। खीर गंगा नदी के उफान के कारण दर्जनों घर, होटल और होम स्टे बह गए। इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, और 50 से अधिक लोग लापता हो गए। सुखी और बगोरी जैसे गांवों में भारी नुकसान हुआ, जहां कृषि संपत्तियां और बुनियादी ढांचा तबाह हो गया। भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें राहत कार्य में जुटीं, और 190 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की और केंद्र सरकार से हर संभव मदद का आश्वासन लिया।

रुद्रप्रयाग में केदारघाटी पर कहर

जुलाई 2025 के अंत में रुद्रप्रयाग के केदारघाटी क्षेत्र में बादल फटने से भी भारी तबाही हुई। बाढ़ और मलबे ने कई घरों और वाहनों को अपनी चपेट में लिया, और नदियां उफान पर आ गईं। गंगोत्री और बद्रीनाथ जैसे तीर्थ स्थानों के मार्ग भी बार-बार बाधित हुए, जिससे तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

युद्धस्तर पर राहत कार्य

उत्तराखंड में बार-बार हो रही बादल फटने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में मची तबाही ने प्रशासन और राहत एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती पेश की है। सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और बीआरओ की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। केंद्र और राज्य सरकारें प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता और पुनर्वास के लिए कटिबद्ध हैं।

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