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किश्तवाड़ में बादल फटने से भयावह तबाही: 56 की मौत, सैकड़ों लापता, सेना-NDRF का बचाव अभियान

Kishtwar Cloud Burst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में बादल फटने की घटना ने भयंकर तबाही मचाई। इस आपदा में दो CISF जवानों सहित कम से कम 56 लोगों की मौत हो चुकी है।

Kishtwar Cloud Burst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में 14 अगस्त 2025 को बादल फटने की घटना ने भयंकर तबाही मचाई। मचैल माता मंदिर यात्रा मार्ग पर आई इस आपदा में दो CISF जवानों सहित कम से कम 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लापता लोग लापता हैं। अचानक आई बाढ़ ने गांव के लंगर, दुकानों, और एक सुरक्षा चौकी सहित कई इमारतों को बहा दिया। 100 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें 37 की हालत गंभीर है। घायलों को किश्तवाड़ जिला अस्पताल और पड्डार उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने के बाद आयी बाढ़ से मची तबाही पर गहरी चिंता जताते हुए पीड़ितों के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। 

Kishtwar Cloud Burst: सेना और NDRF का युद्धस्तर पर बचाव अभियान

आपदा की सूचना मिलते ही सेना, NDRF, SDRF, और स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया। सेना की व्हाइट नाइट कोर ने अब तक 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। जम्मू में तैनात सेना के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। NDRF की दो टीमें उधमपुर से घटनास्थल पर भेजी गई हैं। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह स्वयं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। राहत सामग्री, चिकित्सा दल, और बचाव उपकरण तत्काल प्रभाव से क्षेत्र में पहुंचाए गए हैं।

Kishtwar Cloud Burst: मचैल माता यात्रा पर पड़ा असर

चशोती गांव, जो किश्तवाड़ शहर से 90 किमी दूर है, मचैल माता मंदिर यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। 9,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु चशोती तक वाहनों से आते हैं और फिर 8.5 किमी की पैदल यात्रा करते हैं। इस घटना के समय लंगर में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। प्रशासन ने वार्षिक मचैल माता यात्रा, जो 25 जुलाई से शुरू होकर 5 सितंबर तक चलनी थी, को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। इस साल करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की उम्मीद थी।

Kishtwar Cloud Burst: नेताओं ने जताया दुख, मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, किश्तवाड़ में बादल फटने से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता दी जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने X पर लिखा, शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सेना, NDRF, और SDRF को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात कर स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

पर्यावरणीय चिंताएं और भविष्य की चेतावनी

श्रीनगर के पर्यावरणीय संगठन एनवायरमेंटल पॉलिसी ग्रुप के संयोजक फैज बख्शी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करना जरूरी है, अन्यथा ऐसी आपदाएं और घातक हो सकती हैं। मौसम विभाग ने अगले 3-5 घंटों में किश्तवाड़, अनंतनाग, और जम्मू सहित कई जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी है।

किश्तवाड़ की इस त्रासदी ने एक बार फिर प्रकृति की अनिश्चितता को उजागर किया है। चशोती गांव में मची तबाही ने न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया।

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