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Sunday, August 9, 2026
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छत्तीसगढ़ में 66 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, बस्तर में उग्रवाद को बड़ा झटका

Naxalites Surrender: बस्तर क्षेत्र में 66 कट्टर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जो राज्य में वामपंथी उग्रवाद के लिए एक बड़ा झटका है।

Naxalites Surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में 66 कट्टर नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण ने राज्य में वामपंथी उग्रवाद को बड़ा झटका दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह घटना राज्य में शांति बहाली और विकास की दिशा में मजबूत कदम है।

Naxalites Surrender: 2.27 करोड़ रुपये के इनामी 49 उग्रवादियों ने डाले हथियार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी कि आत्मसमर्पण करने वालों में 49 इनामी नक्सली शामिल हैं, जिन पर कुल 2.27 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से कई उच्च पदस्थ नेता और लंबे समय से सक्रिय उग्रवादी थे। इस आत्मसमर्पण में सबसे बड़ा नाम रमन्ना इरपा उर्फ जगदीश का है, जो विशेष क्षेत्रीय समिति का सदस्य था और उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

Naxalites Surrender: पांच जिलों में हुआ सामूहिक आत्मसमर्पण

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि यह आत्मसमर्पण बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में हुआ। इनमें बीजापुर से 25, दंतेवाड़ा से 15, कांकेर से 13, नारायणपुर से 8 और सुकमा से 5 नक्सलियों ने औपचारिक रूप से हिंसा का त्याग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति निष्ठा की शपथ ली।

Naxalites Surrender: महिला नक्सलियों ने भी छोड़ा हिंसा का रास्ता

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में महिला उग्रवादियों की बड़ी संख्या भी शामिल है, जिनमें कुछ दो दशकों से भी अधिक समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थीं। इन महिलाओं ने भी हिंसा और वामपंथी उग्रवाद से तौबा कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

पुनर्वास नीति ने दिखाया असर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर दिखाई दे रहा है। पिछले 18 महीनों में 1,570 माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने इसे शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा बलों के प्रभावी अभियान का परिणाम बताया। मुख्यमंत्री ने इस परिवर्तन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को श्रेय दिया।

‘पूना मारगेम’ अभियान से मिल रही सहायता

राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए ‘पूना मारगेम’ अभियान चला रखा है। इस अभियान के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समाज में पुनः एकीकरण का अवसर दिया जा रहा है।

दंतेवाड़ा में 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

गुरुवार को दंतेवाड़ा में 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 5 इनामी नक्सली भी शामिल थे। इनमें बुधराम उर्फ लालू कुहारम (8 लाख का इनामी) और कमली उर्फ मोती पोतावी (5 लाख की इनामी) का नाम प्रमुख है। बुधराम कई घात-प्रतिघात घटनाओं में शामिल रहा, जबकि कमली ने गोबेल-भाटबेड़ा और थुलथुली वन क्षेत्रों में हुई मुठभेड़ों में भाग लिया था। अन्य नक्सलियों में पोज्जा उर्फ पोडिया मड़कम (2 लाख का इनामी) और आयते उर्फ संगीता सोडी, पांडे माडवी (1 लाख की इनामी महिला नक्सली) भी शामिल हैं।

शांति और विकास की ओर बढ़ता बस्तर

छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं से साफ है कि राज्य में विकास की रोशनी और शासन की योजनाओं ने लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास कार्यों और सुरक्षा अभियानों के कारण शांति की प्रक्रिया मजबूत होती दिख रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हिंसा की राह छोड़ चुके इन युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन देकर समाज में स्थापित करना है ताकि बस्तर और छत्तीसगढ़ विकास की ओर तेजी से बढ़ सके।

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