7.1 C
New Delhi
Monday, January 26, 2026
HomeदुनियाPahalgam Attack: सिंधु समझौता रद्द करने पर पाकिस्तान को लगी मिर्ची, पानी...

Pahalgam Attack: सिंधु समझौता रद्द करने पर पाकिस्तान को लगी मिर्ची, पानी रोकने को ‘युद्ध जैसी कार्रवाई’ बताया

Pahalgam Attack: पाकिस्तान एनएससी की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि भारत द्वारा पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना “पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत” है।

Pahalgam Attack: भारत द्वारा 23 अप्रैल को उठाए गए कड़े कदमों के जवाब में पाकिस्तान ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की आपात बैठक के बाद कई सख्त फैसलों की घोषणा की। करीब दो घंटे तक चली इस अहम बैठक में भारत-पाकिस्तान के बीच बिगड़ते संबंधों पर गंभीर चर्चा हुई। पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी व्यापारिक संबंध समाप्त करने की घोषणा की है, साथ ही भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) भी बंद कर दिया है।

Pahalgam Attack: भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ा तनाव

पाकिस्तान सरकार के इन फैसलों से दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने की आशंका है। इससे पहले भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के साथ कई द्विपक्षीय संधियों की समीक्षा की घोषणा की थी और सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की थी।

Pahalgam Attack: पाकिस्तान का जवाबी हमला

एनएससी की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि भारत द्वारा पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना “पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत” है। समिति ने नई दिल्ली के रवैये को एक “राजनीतिक एजेंडे” से प्रेरित करार दिया और कहा कि भारत सरकार जानबूझकर पाकिस्तान को निशाना बना रही है।

भारतीय सेना, नौसेना के सलाहकारों को किया निष्कासित

पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के सलाहकारों को निष्कासित करने का फैसला लिया है। इन अधिकारियों और उनके सहायक कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, दोनों देशों के उच्चायोगों में राजनयिक कर्मचारियों की संख्या को अधिकतम 30 अधिकारियों तक सीमित कर दिया गया है। यह निर्णय समान रूप से भारत में स्थित पाकिस्तान उच्चायोग पर भी लागू होगा।

Pahalgam Attack: सिंधु जल संधि पर बड़ा विवाद

भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के फैसले पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एनएससी ने कहा कि यह कदम “युद्ध जैसी कार्रवाई” के समान है और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। पाकिस्तान इस मुद्दे को विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की योजना बना रहा है। समिति का कहना है कि विश्व बैंक इस संधि का एक प्रमुख पक्ष है, इसलिए भारत को इस पर कोई भी एकतरफा निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।

वाघा-अटारी बॉर्डर बंद करने का फैसला

भारत द्वारा सीमा सील किए जाने के जवाब में पाकिस्तान ने भी वाघा-अटारी बॉर्डर को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की है। यह फैसला दोनों देशों के बीच पहले से ही रुके हुए लोगों और व्यापार को और अधिक प्रभावित करेगा।

सेना की तैयारी और कुलभूषण जाधव का मुद्दा दोहराया

पाकिस्तान की समिति ने देश की सशस्त्र सेनाओं की तैयारियों पर संतोष जताते हुए स्पष्ट किया कि यदि भारत कोई दुस्साहस करता है, तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत पर देश में अशांति फैलाने का आरोप लगाया और कुलभूषण जाधव का मामला दोहराते हुए कहा कि वह भारतीय एजेंसियों के इशारे पर पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था और इसे उसने खुद स्वीकार किया है।

भारत के कदमों को ‘राजनीतिक और गैर-जिम्मेदाराना’ बताया

एनएससी ने कहा कि भारत द्वारा 23 अप्रैल को उठाए गए फैसले एकतरफा, अन्यायपूर्ण, कानूनी आधार से रहित और पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। समिति ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि कश्मीर आज भी भारत और पाकिस्तान के बीच एक ‘अनसुलझा अंतरराष्ट्रीय विवाद’ है।

भारत और पाकिस्तान के संबंधों में यह ताजा तनाव दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद खाई को और चौड़ा करता दिख रहा है। व्यापारिक रिश्तों का टूटना, एयरस्पेस प्रतिबंध, राजनयिक निष्कासन और बॉर्डर बंद करने जैसे फैसले दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए चिंता का विषय हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियों पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।

यह भी पढ़ें:-

Terrorist Attack: PM की अध्यक्षता में CCS की बैठक में पाकिस्तान को कड़ा संदेश, सिंधु जल संधि और वीजा रद्द करने का आदेश

RELATED ARTICLES
New Delhi
mist
7.1 ° C
7.1 °
7.1 °
87 %
1.5kmh
0 %
Mon
21 °
Tue
22 °
Wed
19 °
Thu
22 °
Fri
22 °

Most Popular