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IT Raid on Ashadeep Group: आयकर छापे में 200 करोड़ की काली कमाई का खुलासा, नकदी, जेवरात और विदेशी मुद्रा जब्त | आशादीप ग्रुप का हवाला और दुबई कनेक्शन भी उजागर

IT Raid on Ashadeep Group: आयकर विभाग ने आशादीप ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, जेवरात और विदेशी मुद्रा जब्त की। हवाला और दुबई कनेक्शन की भी जांच जारी। विस्तार से जानिए आयकर छापे में क्या-क्या मिला?

IT Raid on Ashadeep Group: जयपुर। राजस्थान के प्रमुख बिल्डर और कारोबारी समूहों पर आयकर विभाग ने बड़ा शिकंजा कसते हुए जयपुर, लालसोट और बहरोड़ में कुल 22 जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी आशादीप ग्रुप बिल्डर, कार्पेट और कार्गो सेवा प्रदाताओं के खिलाफ की गई थी, जिसमें कुल 200 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई का खुलासा हुआ है। इस छापे में आशादीप ग्रुप के हवाला नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत भी सामने आए हैं।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स चोरी की मिली सूचना पर अनिल गुप्ता, अशोक पाटनी और शब्बीर खान के जयपुर, लालसोट और बहरोड़ शहर स्थित 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये तीनों ही रियल एस्टेट से जुड़े आशादीप ग्रुप के डायरेक्टर भी हैं। इस कार्रवाई को लेकर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के संबंधित अधिकारियों का कहना है कि आयकर चोरी और अवैध धन के लेन-देन को रोकने के लिए यह अभियान चलाया गया।

क्या-क्या मिला आयकर छापे में?

आयकर विभाग की इस व्यापक कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण चीजें जब्त की गई हैं। इनमें मुख्य रूप से नकदी, जेवरात और विदेशी मुद्रा शामिल हैं। आइए एक नजर डालते हैं कि इस छापेमारी में क्या-क्या मिला:

  • नकदी: कुल 4.72 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। इतनी भारी मात्रा में नकदी का मिलना इस बात का संकेत है कि बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन किए जा रहे थे।
  • विदेशी मुद्रा: 25 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त की गई है, जो इस बात का संकेत है कि विदेशों में भी अवैध तरीके से धन भेजा जा रहा था।
  • जेवरात: लगभग 6.52 करोड़ रुपये की कीमत के सोने-चांदी के जेवरात जब्त किए गए हैं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इनकी खरीद-बिक्री का हिसाब बही खातों में दर्ज नहीं किया गया था।

इसके अलावा, प्रॉपर्टी कारोबार में 24 करोड़ रुपये के नकद लेन-देन के सबूत भी प्राप्त हुए हैं। ये सबूत स्पष्ट करते हैं कि प्रॉपर्टी डीलिंग के माध्यम से काला धन खपाया जा रहा था।

कैसे हुई ये छापेमारी?

आयकर विभाग की यह कार्रवाई शुक्रवार (7 मार्च) को शुरू की गई थी और मंगलवार (11 मार्च) को समाप्त हुई। अधिकारियों की टीम ने डिजिटल डाटा और दस्तावेजों को खंगालने का काम बड़े ही सुव्यवस्थित तरीके से किया। इस दौरान 26 से अधिक लॉकर्स की भी जांच की गई। इनमें से कई लॉकर्स में महत्वपूर्ण दस्तावेज और काले धन के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।

छापेमारी के दौरान टीम ने सभी संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया और जांच के लिए मुख्यालय पर भेज दिया।

किन-किन पर हुई छापेमारी?

इस व्यापक छापेमारी में कई महत्वपूर्ण कारोबारियों और उनके साझेदारों को निशाना बनाया गया। मुख्य रूप से जिनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई, वे हैं:

IT Raid on Ashadeep Group

अनिल गुप्ता – आशादीप ग्रुप (रियल एस्टेट), प्रमुख बिल्डर कंपनी जिसके व्यापारिक ठिकानों पर व्यापक छानबीन की गई।
अशोक पाटनी – प्रेम कार्गो लॉजिस्टिक्स (कार्गो और लॉजिस्टिक्स), जिनके ठिकानों पर कई गड़बड़ियां सामने आई हैं।
शब्बीर खान – पर्सियन कार्पेट्स ग्रुप (कारपेट एक्सपोर्ट), जिनके व्यापार में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के सबूत मिले।
तीनों कारोबारी रियल एस्टेट से जुड़े आशादीप ग्रुप के डायरेक्टर भी हैं।

हवाला और दुबई कनेक्शन का खुलासा

आयकर विभाग के अधिकारियों ने यह भी बताया कि 500 रुपये के 72 टुकड़े जब्त किए गए हैं। इन नोटों के जरिए हवाला लेन-देन का भी संदेह जताया जा रहा है। साथ ही दुबई में किए गए निवेश के भी कई सबूत मिले हैं, जिन्हें आयकर विभाग ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि विदेशी मुद्रा और सोने के कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर काले धन को सफेद किया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि इन सबूतों के आधार पर जीएसटी, कस्टम्स और प्रवर्तन निदेशालय को भी कार्रवाई के लिए जानकारी दी गई है।

आगे की कार्रवाई

आयकर विभाग अब सभी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डाटा की जांच करेगा। इसके बाद संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही उन सभी व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो इस पूरे मामले में शामिल हैं।


ByNews-व्यू

यह छापेमारी राजस्थान में काले धन और अवैध लेन-देन के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करती है। यह भी स्पष्ट होता है कि कई व्यवसायी और कारोबारी अपनी संपत्ति को छिपाने और कर चोरी करने के लिए गैरकानूनी तरीके अपना रहे थे। आयकर विभाग की यह कार्रवाई अन्य कारोबारियों के लिए भी एक सख्त संदेश है कि अगर वे अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि आगे की जांच में और क्या-क्या खुलासे होते हैं और कितने लोगों पर कानून का शिकंजा कसता है।


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