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Wednesday, August 12, 2026
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Childhood obesity: जानिए क्या है बच्चों में बढ़ते मोटापे के कारण ,कैसे करें इसे कंट्रोल

Childhood Obesity: आजकल बड़ों की तरह बच्चों में भी मोटापा तेजी से बड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार,भारत में 2022 में 5 से 19 वर्ष की उम्र के लगभग 1.25 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हुए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों में बढ़ते मोटापे को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

Childhood obesity: दुनिया भर में लोगों के लगातार बढ़ते वजन के कारण मोटापा अब एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गया है। किसी भी उम्र में होने वाला मोटापा स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। इससे पुरानी बीमारियों की कॉम्प्लिकेशन्स भी बढ़ सकती हैं। अधिक वजन वाले लोगों में कई क्रोनिक बीमारियों का खतरा भी हो सकता है। आजकल बड़ों की तरह बच्चों में भी मोटापा तेजी से बड़ रहा है।

लांसेट (The Lancent) जर्नल ने कुछ समय पहले प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार,भारत में 2022 में 5 से 19 वर्ष की उम्र के लगभग 1.25 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हुए। यही नहीं आंकड़े बताते हैं कि दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग मोटापे से पीड़ित हैं। यह रिपोर्ट्स बताती है कि मोटापे से पीड़ित वयस्कों की संख्या 1990 की तुलना में 2022 में दोगुनी हो गई है|

स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों में बढ़ते मोटापे को नियंत्रित नहीं किया गया तो यह भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं कि बच्चों में बढ़ते मोटापे की समस्या को नियंत्रित करने के लिए क्या हैं डॉक्टर्स की सलाह

बच्चों में मोटापा क्यों बढ़ रहा है?

लाइफस्टाइल में हो रहे बदलावों के कारण बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है।अनहेल्दी फूड्स खाना ,एक्सरसाइज नहीं करना, बहुत देर टीवी देखना और अधिकतर समय घर के अंदर ही बिताना बच्चों में मोटापा बढ़ने का महत्वपूर्ण कारण हैं।

स्लीप साइकिल से भी बढ़ता है मोटापा:

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्लीप साइकिल भी शरीर पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है| सोने-जागने के समय में होने वाली गड़बड़ी से भी शरीर का वजन बढ़ सकता है | आजकल बच्चे अपना ज्यादातर समय मोबाइल या अन्य स्क्रीन पर बिताते हैं| जिससे उनको स्लिप डिसऑर्डर जैसी बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है|

यह शरीर में हार्मोन्स के असंतुलन का भी कारण बनता है, जो कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। बच्चों को अच्छी नींद की जरूरत होती है ताकि उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो और वे अच्छी तरह से विकसित हो सकें। बच्चों को हर दिन सात से आठ घंटे सोने दें।

बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए इन उपायों का पालन करें:

इस भोजन से परहेज करे:

बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए उचित आहार का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। जंक और फ़ास्ट फ़ूड जैसा खाना शरीर के वजन को बढ़ाता है और पाचन तंत्र और लिवर पर बुरा प्रभाव डालता है। बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए सबसे पहले उनकी पैकेट फ़ूड खाने की आदत को छुड़वाएं|

उन्हें पैकेटबंद स्नैक्स, चिप्स और बिस्किट्स को खाने से बचाएं | इसके स्थान पर उन्हें मौसमी फलों-सब्जियों को खाने के लिए प्रेरित करे और साथ-साथ कम फैट वाले डेयरी उत्पादों को भी उनकी डाइट में शामिल करें। बच्चों को सीजनल सब्जियां, साबुत अनाज, फ्रूट्स और घर का बना खाना खिलाएं।

इस तरह का फूड न केवल बच्चों के शरीर की पोषण आवश्यकताओं को पूरा करता है साथ ही पाचन क्रिया को मजबूत बनाकर मोटापे को कम करने में भी मदद करता है|

फिजिकली एक्टिव:

बच्चों को बाहर खेलने-कूदने के लिए प्रेरित करें। उन्हें शारीरिक रूप से एक्टिव रहने में मदद करें।

स्क्रीन टाइम:

मोबाइल फोन, टीवी और अन्य उपकरण देखने की आदत से बच्चों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इससे मोटापा भी हो सकता है। इसलिए अपने बच्चों को मोबाइल फोन और टीवीदेखने के समय को निश्चित करें |

Disclaimer: उपर्युक्त खबर में उल्लेखित जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और परसेप्शन पर आधारित है। आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ अथवा अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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